मानसिक तनाव, काम के कठिन माहौल के कारण जवानों में फ्रैट्रिसाइड की घटनाएं होती हैं, जिन्हें समय पर काउंसलिंग और बेहतर प्रशासनिक सहयोग से रोका जा सकता है. इसके अलावा भी कई अन्य कारण होते हैं.देश की सुरक्षा में तैनात भारतीय जवानों और अर्द्धसैनिक बलों के बीच अपने ही साथियों पर गोली चलाने यानी फ्रैट्रिसाइड की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं. कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी कर रहे जवानों के बीच अचानक होने वाले ये खूनी संघर्ष आमतौर पर गहरे मानसिक तनाव, लगातार काम का दबाव और पारिवारिक समस्याओं के चलते होते हैं .हाल ही में जम्मू-कश्मीर के कठुआ में सीआईएसएफ कैंप के भीतर हुआ विवाद इस बात का ताजा उदाहरण है. संसद में पेश किए गए सरकारी आंकड़ों और विभिन्न जांच रिपोर्टों से स्पष्ट होता है कि इन दर्दनाक हादसों के पीछे सिर्फ आपसी कहासुनी ही नहीं, बल्कि कई गहरे प्रशासनिक और व्यक्तिगत कारण जिम्मेदार हैं.
