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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर लड़ाकू विमानों ने हवा में दिखाया करतब, 22 और 23 अप्रैल को होगा मुख्य कार्यक्रम

करीब तीन साल बाद एक बार फिर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के अरवल कीरी करवत में 3.2 किलोमीटर के हवाई पट्टी पर वायुसेना के नौ लड़ाकू विमानों का बुधवार से दो दिवसीय अभ्यास होगा। इसे ध्यान में रखते हुए मंगलवार को सेना के विमानों ने पूर्वाभ्यास किया।

अधिकारियों के कहना है कि हाेने वाले अभ्यास का मूल कारण हवाई पट्टी की गुणवत्ता को परखना है। नवागत जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह व एसपी चारु निगम तैयारियों का जायजा लिया।

इस बार अभ्यास दिन और रात दोनों समय किया गया है, जिससे ऑपरेशन की क्षमता परखी जाएगी। मुख्य कार्यक्रम 22 व 23 अप्रैल को है। इसकी सभी तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। 16 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसी एयर स्ट्रिप से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया था। उस ऐतिहासिक मौके पर भारतीय वायुसेना के सुखोई, जगुआर जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों ने अपना करतब दिखाकर लोगों को रोमांचित कर दिया था।

क्षेत्रवासियों को विमानों की गतिविधियां करीब से देखने का अवसर मिला था, जिसने लोगों में खासा उत्साह पैदा किया था। अब एक बार फिर होने जा रहे अभ्यास को लेकर स्थानीय लोगों में उत्सुकता है।

अधिकारियों ने किया निरीक्षण

जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक चारु निगम, अपर जिलाधिकारी प्रशासन गौरव शुक्ला, अपर पुलिस अधीक्षक अखंड प्रताप सिंह, एसडीएम जयसिंहपुर प्रभात सिंह, सीओ जयसिंहपुर रामकृष्ण चतुर्वेदी, सीओ ट्रैफिक सुनील कुमार सिंह सीओ बल्दीराय आशुतोष कुमार समेत कई थानाध्यक्ष ने मौके पर पहुंच कर सुरक्षा व्यवस्था व तैयारियों का निरीक्षण किया।

चप्पे-चप्पे पर पुलिस व सेना के जवान रहे मुस्तैद

मंगलवार को करीब एक घंटे के लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी। हवा में अपने करतब दिखाए। एक साथ चार लडाकू विमान हवा में उड़ते नजर आए। रिहर्सल के दौरान नौ लडाकू विमान व एक वायुसेना के हेलीकाप्टर ने पूर्वाभ्यास किया। इस दौरान चार किलोमीटर की दूरी तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस व सेना के जवान तैनात रहे।

रस्सी के सहारे विमान से नीचे उतरे कमांडो

जवानों ने हवा में साहस और कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। यह दृश्य उस समय देखने को मिला जब भारतीय वायुसेना के विशेष प्रशिक्षित कमांडो हेलीकाप्टर से रस्से के सहारे तेजी से नीचे उतरे। इसे देख लोग स्तब्ध रह गए।

यह अभ्यास स्लिथरिंग ऑपरेशन’ कहलाता है, जिसमें जवान हेलीकॉप्टर के हवा में मंडराते हुए ही मोटी रस्सी के सहारे जमीन पर उतरते हैं। इस दौरान न सिर्फ शारीरिक ताकत, बल्कि सटीक संतुलन और जबरदस्त आत्मविश्वास की जरूरत होती है।

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